वो दिन, 27 अप्रैल, 1959 का दिन था। बंबई पुलिस के उप कमिश्नर जॉन लोबो मुंबई की चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए नीलगिरि की पहाड़ियों में जाने की योजना बना रहे थे।
लेकिन तभी शाम पांच बजे के करीब उनके फ़ोन की घंटी बज उठी। भारतीय नौसेना के कमांडर सैमुअल लाइन पर थे। आवाज आई "कमांडर नानावती आप से मिलने आ रहे हैं, अभी वो मेरे पास ही थे।" लोबो ने पूछा, 'सर, हुआ क्या है?' सैमुअल का जवाब आया, 'उनका एक आदमी से झगड़ा हुआ था, जिसे उन्होंने गोली मार दी है।'
लेकिन तभी शाम पांच बजे के करीब उनके फ़ोन की घंटी बज उठी। भारतीय नौसेना के कमांडर सैमुअल लाइन पर थे। आवाज आई "कमांडर नानावती आप से मिलने आ रहे हैं, अभी वो मेरे पास ही थे।" लोबो ने पूछा, 'सर, हुआ क्या है?' सैमुअल का जवाब आया, 'उनका एक आदमी से झगड़ा हुआ था, जिसे उन्होंने गोली मार दी है।'

